Summary: एक युवक अमित की रहस्यमयी गायब होने की कहानी, जो एक काले जादू की हवेली से जुड़ी है, और जिसके पीछे छुपा हुआ गाँव का गहरा राज़ आज भी अनसुलझा है।
गांव में दफन राज़
अंधेरा धीरे-धीरे गाँव के उन्नत पेड़ों के बीच घुस रहा था, और सडकों पर ठंडी हवाएं थरथरा रही थीं। सुनसान गलियों में कुत्तों की भौंकने की आवाज़ गूंज रही थी, मानो कोई भयावह राज़ छिपा हो। यह वही जगह थी जहाँ से कुछ महीने पहले एक युवक, अमित, अचानक गायब हो गया था।
अमित, जो हमेशा जिज्ञासा की चमक लिए रहता था, उस रात घर से निकला और फिर कभी लौटकर नहीं आया। उस रात आसमान में एक अनजान सी चमकदार रोशनी ने पूरे गाँव को आश्चर्यचकित कर दिया। अमित की आखिरी नजरें उसी रोशनी के नीचे देखी गई थीं।
गायब होने का रहस्य
परिवार और गाँववालों ने अमित की खोज शुरू की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस रिपोर्ट में बताया गया कि आखिरी बार अमित को पेड़ के नीचे देखा गया था, जहाँ एक पुरानी टूटी हुई हवेली थी, जिसे स्थानीय लोग ‘खूनी हवेली’ कहते थे।
- हवेली के बारे में कहा जाता है कि वहाँ काला जादू होता रहा है।
- गायब हो रहे लोगों के निशान हवेली के पास खत्म हो जाते थे।
- हवेली के तहखाने में एक प्राचीन किताब दफन है, जिसमें तंत्र विद्या का वर्णन है।
हवेली में खोजबीन
रात के साए लम्बे होते ही गाँव के कुछ युवक अमित को ढूंढने के लिए उस हवेली में गए। अंदर घुसते ही माहौल बदल गया – ठंडी हवा के झोंके, कांच के टूटे टुकड़े, और एक धीमी-धीमी कानफोड़ू चीख़। हवेली वर्षों से बंद थी, फिर भी अंदर एक अजीब सन्नाटा था।
उन्होंने कुछ पुरानी किताबें और रहस्यमयी निशान खोजे, जिनसे भय और सवाल और गहरे हो गए। क्या अमित गायब हो गया या उसने काले जादू के पन्थ में प्रवेश कर लिया?
अधूरी और भयावह बातें
जैसे-जैसे रात गहराती, हवेली की खिड़कियाँ चरमराने लगीं और सन्नाटा छा गया। गाँव में दफन उस राज़ की परतें आज भी खुलने का इंतजार कर रही हैं। अमित की वापसी की उम्मीद में गाँववाले कांप रहे हैं, पर कई बातें अभी भी अधूरी और भयावह बनी हुई हैं।
क्या अमित सचमुच लौटकर आया था या उसने हवेली के भीतर छुपी गूढ़ बातें कहीं दूर छुपा ली हैं? डर, शक और रहस्य का यह मिश्रण गाँव को भय में डुबोए हुए है। क्या यह केवल एक गायब होने की घटना थी या काला जादू और पुरानी मान्यताएँ सच में उस हवेली के अंदर किसी दूसरे संसार से जुड़ी हैं?
सवाल अनगिनत हैं, लेकिन जवाब अभी भी रहस्यमय धुंध में खोए हुए हैं।
दरवाज़ा धीमे-धीमे चरमराया… और सन्नाटा गूंज उठा।
